Library Science - PDF to Flipbook
Published on Aug 22, 2026
Description:
1
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स्तकालय एवंस
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चना ववज्ञान प्रश्नोत्तर गाइड
(मौलाना मजहरुल हक़ ऄरबी एवंफारसी ववश्वववद्यालय के BLIS छात्रों के सैद्धावततक पत्रों की
परीक्षा हेतुएक सम्पूणण प्रश्नोत्तर गाआड)
डा॰ अवमत वकशोर
(M.A., MLIS(Goldmedalist), PGDLAN, PGDCA, UGC-NET, Ph.D)
Email: [email protected]
Contact: 9122408667
Fundament College of Education
Asanandpur, Parbatti, Bhagalpur2
© लेखक
आस पस्ुतक को ऄथवा आसके वकसी भी ऄंश को वबना लेखक के वलवखत ऄनुमवत के, वकसी भी रूप – छायाप्रती
ऄथवा ऄतय रूप मेंवकसी भी प्रकार सेईपयोग के वलए नहीं छापा जा सकता है।
मल्ूय : 350.00 रुपए मात्र
वद्रतीय सस्ं करण :2014
मद्रुक : फास्ट वप्रटं , भागलपरु3
प्राक्कथन
पस्ुतकालय एवं सूचना ववज्ञान वह ववषय हैवजसमें पाठ्य समवियों के व्यवस्थापन, पस्ुतकालय
प्रबंधन, एवंपाठकों को बेहतर सेवा प्रदान करनेएवं ऄतय ववधाओंके औजारों कापस्ुतकालय के सतदभणमें
ईपयोग करनेका ऄध्ययन वकया जाता है। आसके माध्यम सेऐसेपस्ुतकालय व्यवसावययों की फौज तैयार
की जाती हैजो पाठकों को बेहतर पस्ुतकालय सेवा देनेहेतुप्रवतबद्ध होतेहै। हाल के कुछ वषों मेंवबहार में
पस्ुतकालय एवं सूचना ववज्ञान ववषय के प्रवत छात्रों का रुझान बढा हैऔर वबहार के 12 मेंसे8
ववश्वववद्यालय द्वारा बीएलअइएस कोसण चलाये जा रहेहै, मौलाना मजहरुल हक़ ऄरबी एवं फारसी
ववश्वववध्यालय द्वारा भी ऄपनेKRCN के माध्यम सेबीएलअइएस कोसणका संचालन रग्ेयलुर मोड मेंवकया
जा रहा है।
प्रस्ततु पाठ्य पस्ुतक परीक्षा गाआड हैजो मौलाना मजहरुल हक़ ऄरबी एवं फारसी ववश्वववध्यालय
द्वारा अयोवजत होनेवाली बीएलअइएस परीक्षा 2015 के सैद्धावततक पत्रों हेतुऄत्यतं ईपयोगी हैवजसमें
वस्तवुनष्ठ (Objective) एवं ववषयवनष्ठ (Subjective) दोनों तरह के संभाववत प्रश्न एवं ईसके सटीक एवं
संवक्षप्त ईत्तर वदयेगए है।
अशा करता ह ूँवक यह पाठ्य पस्ुतक मौलाना मजहरुल हक़ ऄरबी एवं फारसी ववश्वववध्यालय के
छात्रों हेतुअयोवजत होनेवाली सैद्धावततक परीक्षा की तैयारी मेंमहत्वपूणणवसद्ध होंगे।
डा॰ अवमत वकशोर4
ववषय-स
ू
ची(CONTENTS)
पाठ्यक्रम पररचय (syllabus)
पुस्तकालय एवं पुस्तकालय ववज्ञान –एक पररचय
आकाइ (Unit)-1 9
पुस्तकालय एवंसमाज (Libraryand Society)
आकाइ (Unit)-2 53
पुस्तकालय प्रबधं न (Library Management)
आकाइ (Unit)-3 85
पुस्तकालय सूवचकरण (Library Cataloguing)
आकाइ (Unit)-4 117
पुस्तकालय ववगिकरण (Library Classification)
आकाइ (Unit)-5 141
सूचना प्रोद्योवगकी (Information Technology)5
पाठ्यक्रम(SYLLABUS) पररचय
मौलाना मजहरुल हक़ ऄरबी एवं फारसी ववश्वववध्यालय द्वारा संचावलत बीएलअइएस (BLIS)
पाठ्यक्रम को अठ पत्रों मेंबांटा गया है(सभी पत्र 100 ऄकं ों का होता है), वजसमेंपाचूँ सैद्धावततक
(Theory) पत्र, दो प्रयोवगक (Practice) एवंएक सत्रीय कायों (Practice) हेतुहोता है। मौलाना मजहरुल
हक़ ऄरबी एवं फारसी ववश्वववध्यालय द्वारा संचावलत बीएलअइएस(BLIS) पाठ्यक्रम की संरचना आस
प्रकार है:
प्रथम पत्र (paper-1):100 ऄकं (80 External Exam + 20 Internal Assignment)
पुस्तकालय एवंसमाज (सैद्धावततक)
वद्वतीय पत्र (paper-2):100 ऄकं (80 External Exam + 20 Internal Assignment)
पुस्तकालय प्रबधं न (सैद्धावततक)
ततृ ीय पत्र(paper-3):100 ऄकं (80 External Exam + 20 Internal Assignment)
पुस्तकालय सूवचकरण (सैद्धावततक)
चतथुणपत्र(paper-4):100 ऄकं (80 External Exam + 20 Internal Assignment)
पुस्तकालय ववगिकरण (सैद्धावततक)
पंचमपत्र(paper-5):100 ऄकं (80 External Exam + 20 Internal Assignment)
सूचना प्रोद्योवगकी (सैद्धावततक)
षष्ठ पत्र (paper-6):100 ऄकं
पुस्तकालय सूवचकरण (प्रायोवगक)
सप्तम पत्र (paper-7):100 ऄकं
पुस्तकालय ववगिकरण (प्रायोवगक)
ऄष्टम पत्र (paper-8):100 ऄकं
सत्रीय कायि(प्रायोवगक)6
प
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स्तकालय एवंप
ु
स्तकालय ववज्ञान: एक पररचय
पुस्तकालय (Library)
पुस्तकालय (Library) वह स्थान हैजहाूँववववध प्रकार पाठ्य समवियों का संिह रहता है। पस्ुतकालय
शब्द ऄंिेजी के लाआब्रेरी(Library) शब्द का वहदं ी रूपांतर है। लाआब्रेरी शब्द की ईत्पवत्त लेवटन शब्द ‘Liber’ सेहुइ
है, वजसका ऄथणहै‘पस्ुतक का घर’। पस्ुतकालय का आवतहास लेखन प्रणाली पस्ुतकों और दस्तावेज केस्वरूप को
संरवक्षत रखनेकी पद्धवतयों और प्रणावलयों सेजडुा है।
पस्ुतकालय शब्द दो शब्दों सेवमलकर बना है- पस्ुतक + अलय । वजसमेंलेखक के भाव संगहृ ीत हों, ईसेपस्ुतक
कहा जाता हैऔर अलय स्थान या घर को कहतेहैं। आस प्रकार पस्ुतकालय ईस स्थान को कहतेहैंजहाूँपर
ऄध्ययन सामिी (पस्ुतकें, वफल्म, पत्र-पवत्रकाए, ूँ मानवचत्र, हस्तवलवखत िंथ, िामोफोन रके ाडण एव ऄतय पठनीय
सामिी) संगहृ ीत रहती हैऔर आस सामिी की सुरक्षा की जाती है। परतं ुपस्ुतकों सेभरी ऄलमारी ऄथवा पस्ुतक
ववक्रेता के पास पस्ुतकों का संिह पस्ुतकालय नहीं कहलाता क्योंवक वहाूँपर पस्ुतकें व्यावसावयक दृवष्ट सेरखी
जाती हैं। जबवक पस्ुतकालय मेंपस्ुतकेंपाठकों के सेवाथण रखी जाती हैं।
पुस्तकालय ववज्ञान (Library science)
पुस्तकालय ववज्ञान (Library science या Library and Information science) वह ववज्ञान है
“वजसमेंपाठ्य समवियों के व्यवस्थापन, पस्ुतकालय प्रबंधन एवंपाठकों को मौजूद संसाधनों मेंवेहतर सेवा प्रदान
करनेएवं ईपयोग करनेका ऄध्ययन वकया जाता है।” आसके माध्यम सेपस्ुतकालय की सेवा हेतुकमणचाररयों को
तैयार वकया जाता है। अधवुनक पस्ुतकालय ववज्ञान ‘पस्ुतकालय एवं सूचना ववज्ञान’ कहलाता हैक्योंवक यह केवल
पस्ुतकों के ऄजणन, प्रस्ततुीकरण, वगीकरण, प्रसचुीकरण, फलक व्यस्थापन तक ही सीवमत नहीं हैबवल्क आसके
ऄंतगणत सूचना की खोज, प्रावप्त, संसाधन, सम्प्रेषण तथा पनुप्राणवप्त भी सवम्मवलत है। ऄब यह ववषय सूचना संचार
प्रोद्योवगकी के व्यापक अधार पर ऄववस्थत है। अधवुनक पस्ुतकालय ऄद्यतन सूचना संचार प्रोद्योवगकी का बहुत
ऄच्छा ईपयोग कर रहेंहैंऔर आसके पररणाम स्वरूप पस्ुतकालय स्वचालन का प्रयोग बढ़ रहा हैतथा वडवजटल
लाआब्रेरी की संकल्पना ववकवसत हो रही है।
पस्ुतकालय एवं सूचना ववज्ञान (Library and Information Science) वह ववज्ञान हैवजसके ऄंतगणत
पस्ुतकालयों मेंसंपतन वकयेजानेवालेकायणप्रणावलयों सेसम्बवं धत वववशष्ट प्रवववधयों, तकनीकों एवं प्रवक्रयायों का
ऄध्ययन एवं ऄध्यापन वकया जाता है। पस्ुतकालय एवं सूचना ववज्ञान की वशक्षा के माध्यम सेही पस्ुतकालयों का
व्यस्थापन तथा संचालन हेतुयोग्य और कुशल कमणचाररयों को तैयार वकया जाता है। पस्ुतकालय ववज्ञान तकनीकी
ववषयों की श्रेणी मेंअता हैतथा एक सेवा सम्बतधी व्यवसाय है। यह प्रबधं न, सूचना प्रौद्योवगकी, वशक्षाशास्त्र एवं
ऄतय ववधाओंके वसद्धाततो एवं ईपकरणों का पस्ुतकालय के सतदभण मेंईपयोग करता है। आसके ऄंतगणत पसुकालयों
का आवतहास, संगठन, प्रबधं न, वववभतन तकनीको, सेवाओ,ं समाज के प्रवत ईनके कतणव्यों तथा सामातय कायण
कलापों का सैद्धांवतक एवं व्यावहाररक ऄध्ययन वकया जाता है।
19 वीं शताब्दी के प्रारभं होनेतक पस्ुतकालय वशक्षा प्रदान करनेकी कोइ अवश्यकता नहीं समझी जाती
थी क्योंवक तब यह माना जाता था वक पस्ुतकालय की व्यवस्था एवं संचालन के वलए वकसी ववशेष रूप सेवशवक्षत 7
ऄथवा प्रवशवक्षत व्यवि की अवश्यकता नहीं है। थॉमस जेफरसन, के संिह मोंवटसल्लो (Monticello) मेंहजारों
पस्ुतकें थी। ईसनेववषय पर अधाररत वगीकरण प्रणाली का प्रयोग वकया। जेफरसन संिह संयुि राज्य ऄमेररका
का पहला राष्ट्रीय संिह था जो की ऄब कांिेस पस्तकालय ु (Library of Congress) के रूप मेंववश्व ववख्यात है।
पस्ुतकालय ववज्ञान वशक्षा हेतुसवणप्रथम प्रयास मेलवेल डेवी(Melvil Devi) द्वरा वकया गया था ईतहोने1883 में
School of Library Economy की शुरुअत की थी। भारत मेंपस्ुतकालय ववज्ञान वशक्षा की शरुुअत 1910-11
मेंबढोदा नरेश वसयाजी राव गायकवाड - II द्वारा वकया गया था और ईसके वलए ईतहोनेमेलवेल डेवी के छात्र A.
W. Borden को बलुाया था। वतणमान समय मेंप्रायः भारत के सभी ववश्वववद्यालयों मेंपस्ुतकालय ववज्ञान की वशक्षा
प्रदान की जा रही है।
पस्ुतकालय ववज्ञान पर मावटणन स्रेवत्ततगेर की पहली पाठ्यपस्ुतक 1880 मेंप्रकावशत हुयी थी और
आसमेईतहोनेप्रथम बार पुस्तकालय ववज्ञान(Library Science) शब्द का प्रयोग वकया, ऄब तक पस्ुतकालय
ववज्ञान ऄपनीपहचान एक स्वतंत्रववषय के रूप मेबना चुका है।8
डॉ॰ एस॰ आर॰ रगं नाथन : एक पररचय
डा॰ एस. अर. रगं नाथन का जतम 12 ऄगस्त 1892 को वशयाली, मद्रास (वतणमान चेतनइ) मेंहुअ था।
रगं नाथन के योगदान का पस्ुतकालय ववज्ञान पर ववश्वव्यापी प्रभाव पडा। रगं नाथन की वशक्षा वशयाली के वहतदूहाइ
स्कूल, टीचसणकॉलेज, सआदापेट्ट मेंहुइ थीं। मद्रास वक्रवियन कॉलेज मेंईतहोंने1913 और1916 मेंगवणत मेंबी. ए.
और एम. ए. की ईपावध प्राप्त की। 1917 मेंईतहोंनेगवनणमेंट कॉलेज, कोयंबटुर और1921-23 के दौरान प्रेव़िडेंसी
कॉलेज, मद्रास ववश्वववद्यालय मेंऄध्यापन कायणवकया।
पद
1924 मेंरगं नाथन को मद्रास ववश्वववद्यालय का पहला पस्ुतकालयाध्यक्ष बनाया गया और आस पद की योग्यता
हावसल करने के वलए वह यूवनववसणटी कॉलेज, लंदन मेंऄध्ययन करने के वलए आंग्लैंड गए। 1925 से मद्रास में
ईतहोंने यह काम पूरी लगन सेशुरू वकया और 1944 तक आस पद पर बनेरहें। 1945-47 के दौरान ईतहोंने
बनारस (वतणमान वाराणसी) वहतदूववश्वववद्यालय मेंपस्ुतकालाध्यक्ष और पस्तकालय ु ववज्ञान के प्राध्यापक के रूप में
कायण वकया व 1947-54 के दौरान ईतहोंनेवदल्लीववश्वववद्यालय में पढ़ाया। 1954-57 के दौरान वह
ज़्यूररख, वस्वट़्िरलैंड मेंशोध और लेखन मेंव्यस्त रहे। आसके बाद वह भारत लौट अए और 1959 तक ववक्रम
ववश्वववद्यालय, ईज्जैन मेंऄवतवथ प्राध्यापक रहे। 1962 मेंईतहोंनेबगं लौर मेंप्रलेखन ऄनसुंधान एवं प्रवशक्षण केंद्र
स्थावपत वकया और आसके प्रमखु बनेऔर जीवनपयंत आससेजडुेरहे। 1957 मेंभारत सरकार नेईतहेंपद्मश्री की
ईपावध सेसम्मावनत वकया। ईनके जतम वदन 12 ऄगस्त को पुस्तकालयाध्यक्ष वदवस (Librarian’s Day)
मनाया जाता है।
योगदान
रगं नाथन द्वारा 1928 इ॰ मेपस्ुतकालय ववज्ञान के पाचूँ सूत्रों का प्रवतपादन वकया गया, वजससेपस्ुतकालय सेवा
को नया अयाम प्रपट हुअ। पस्ुतकालय ववज्ञान के वलए रगं नाथन का योगदान प्रायः सभी क्षेत्रों मेरहा। ईतहोने
वगीकरण, सूवचकरण, प्रबधं न और ऄनक्रु मणीकरण (आंडेवक्संग) वसद्धांत था। ईनके कोलन क़्लावसव़िकेशन(CC:
Colon Classification - 1933 इ॰) नेऐसी प्रणाली शुरू की, वजसेववश्व भर मेंव्यापक रूप मेंआस्तेमाल वकया
जाता है। आस पद्धवत नेडेवी दशमलव वगीकरण जैसी परुानी पद्धवत के ववकास को प्रभाववत वकया। सन 1934 में
वगीकृत सूवचकरण पद्धवत (CCC: Classified Cataloguing Code) का प्रकाशन हुअ ईतहोने आसमे
ऄनक्रु मणीकरण प्रवववष्टयों के वलए 'श्रंखृ ला ऄनक्रु मणीकरण' की तकनीक तैयार की। ईनकी ़िाआव लॉ़ि ऑ़ि
लाआब्रेरी साआंस (1931) को पस्ुतकालय सेवा के अदशणएवं वनणाणयक कथन के रूप मेंव्यापक रूप सेस्वीकृत
वकया गया। ईतहोंनेराष्ट्रीय और कइ राज्य स्तरीय पस्ुतकालय प्रणावलयों की योजनाएूँतैयार कीं। कइ पवत्रकाएूँ
स्थावपत और संपावदत कीं और कइ व्यावसावयक सवमवतयों मेंसवक्रय रहें।9
कृवतयााँ
एस. अर. रगं नाथन की कृवतयों मेंकोलन क़्लावसव़िकेशन(1933 इ॰), क़्लावस़िाआड कैटेलॉग कोड (1934),
प्रोलेगोमेना टुलाआब्रेरी क़्लावसव़िकेशन (1937), थ्योरी ऑ़ि लाआब्रेरी कैटेलॉग (1938), एलीमेंट्स ऑ़ि लाआब्रेरी
क़्लावसव़िकेशन (1945), क़्लावसव़िकेशन ऐडं आंटरनेशनल डॉक्यूमेंटेशन (1948), क़्लावसव़िकेशन ऐडं
कम्यवुनकेशन (1951) और हेवडंग्स ऐडं कैनतस (1955) प्रमखु है।
मत्ृयु
एस. अर. रगं नाथन जैसेमहान पस्ुतकालाध्यक्ष और वशक्षाशास्त्री की मत्ृयु27 वसतम्बर 1972, बगं लोर मेंहुइ थीं।
ईनकी मत्ृयुसेपस्ुतकालय ववज्ञान के क्षेत्र मेंएक ऐसा ररि अया वजसेअज तक भरा नहीं जा सका है।10
Paper-1
library and society
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ु
स्तकालय और समाज