FINAL E- Drushti_merged (4)

Published on Sep 18, 2026

FINAL  E- Drushti_merged (4)

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Published on Sep 18, 2026

Description:

1 ई-दृष्टि अंक-1 मध्य रेल भुसा वल मंडलमध्य रेल, भुसावल मंडल की पत्रिका “ई-दृत्रि” के प्रकाशन के अवसर पर मुझे अत्यंत हर्ष की अनुभूत्रत हो रही है। यह ई-पत्रिका मंडल की कायषगत उपलब्धियों, नवाचारों, रचनात्मक गत्रतत्रवत्रियों तथा कमषचाररयों की सृजनात्मक प्रत्रतभा को अत्रभव्यब्धि प्रदान करने का एक साथषक माध्यम है। भारतीय रेल के वल देश की जीवन-रेखा ही नहीं, अत्रपतु त्रवत्रवि भार्ाओं, संस्कृ त्रतयों और त्रवचारों को जोड़ने वाला सशि सेतु भी है। ऐसे व्यापक कायषक्षेि में राजभार्ा त्रहंदी का सहज, सरल एवं प्रभावी प्रयोग प्रशासत्रनक कायों को अत्रिक सुगम एवं जनोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ष भूत्रमका त्रनभाता है। “ई-दृत्रि” के माध्यम से ज्ञान, अनुभव और रचनात्मकता का जो समन्वय प्रस्तुत त्रकया जा रहा है, वह त्रनत्रित रूप से कमषचाररयों में आत्मीयता, सहभात्रगता और सृजनशीलता की भावना को सुदृढ़ करेगा। मुझे त्रवश्वास है त्रक यह ई-पत्रिका राजभार्ा त्रहंदी के प्रचार-प्रसार के साथसाथ भुसावल मंडल की उपलब्धियों को पाठक-वगष तक पहुँचाने में भी महत्वपूर्ष भूत्रमका त्रनभाएगी। “ई-दृत्रि” के उज्ज्वल एवं त्रनरंतर प्रगत्रतशील भत्रवष्य की हात्रदषक मंगलकामनाएुँ । इसके प्रकाशन से जुड़े सभी अत्रिकाररयों एवं कमषचाररयों को उनके समपषर्, पररश्रम एवं उत्कृ ि प्रयासों के त्रलए हात्रदषक बिाई एवं शुभकामनाएुँ । पुनीत अग्रवाल श्री पुनीत अग्रवाल मंडल रेल प्रबंिक, भुसावलभुसावल मंडल की पत्रिका “ई-दृत्रि” के प्रकाशन के अवसर पर मुझे अत्यंत प्रसन्नता है। यह पत्रिका हमारे मंडल की कायष-संस्कृ त्रत, उपलब्धियों, तकनीकी प्रगत्रत तथा कमषचाररयों की रचनात्मक चेतना का प्रत्रतत्रबंब प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ष माध्यम है। भारतीय रेल की कायषप्रर्ाली में तकनीकी दक्षता और प्रशासत्रनक कु शलता के साथ प्रभावी संप्रेर्र् का भी त्रवशेर् महत्व है। राजभार्ा त्रहंदी इस संप्रेर्र् को सरल, सुबोि एवं व्यापक बनाने में महत्वपूर्ष भूत्रमका त्रनभाती है। तकनीकी एवं प्रशासत्रनक त्रवर्यों में त्रहंदी के अत्रिकात्रिक प्रयोग से न के वल कायष की समझ सुगम होती है, बब्धि कमषचाररयों में अपनी भार्ा के प्रत्रत आत्मत्रवश्वास भी बढ़ता है। “ई-दृत्रि” के माध्यम से तकनीकी उपलब्धियों, नवाचारों, उल्लेखनीय कायों तथा रचनात्मक अत्रभव्यब्धियों को एक साझा मंच प्राप्त हआ है। यह प्रयास राजभार्ा के प्रयोग को कायषक्षेि से जोड़ते हए उसे सृजनात्मकता और ज्ञान-त्रवत्रनमय का माध्यम बनाने की त्रदशा में महत्वपूर्ष कदम है। मुझे त्रवश्वास है त्रक “ई-दृत्रि” त्रनरंतर प्रगत्रत करते हए भुसावल मंडल की उपलब्धियों एवं रचनात्मक ऊजाष की सशि पहचान बनेगी। इसके प्रकाशन से जुड़े सभी अत्रिकाररयों, कमषचाररयों तथा संपादकीय टीम को हात्रदषक बिाई एवं शुभकामनाएुँ । मुके श कु मार मीना श्री मुके श कु मार मीना अपर मंडल रेल प्रबंिक(तकनीकी) एवं अपर मुख्य राजभार्ा अत्रिकारी भुसावलभुसावल मंडल की पत्रिका “ई-दृत्रि” के प्रकाशन पर मुझे हर्ष है। त्रकसी भी संगठन की प्रगत्रत के वल उसके कायों और उपलब्धियों से नहीं, बब्धि उसमें कायषरत मानव संसािन की प्रत्रतभा, संवेदनशीलता और सृजनशीलता से भी पररलत्रक्षत होती है। “ई-दृत्रि” इसी अंतत्रनषत्रहत सामर्थ्ष को अत्रभव्यि करने का एक सुंदर मंच है। राजभार्ा त्रहंदी हमारे प्रशासत्रनक कायों को सहजता, स्पिता और आत्मीयता प्रदान करने का सशि माध्यम है। कायाषलयीन कायों में त्रहंदी के अत्रिकात्रिक प्रयोग के साथ-साथ सात्रहत्य, संस्कृ त्रत, ज्ञानत्रवज्ञान और रचनात्मक अत्रभव्यब्धि के क्षेि में इसके त्रवस्तार की भी आवश्यकता है। इस त्रदशा में “ई-दृत्रि” का प्रकाशन त्रनत्रित रूप से प्रशंसनीय पहल है। मुझे त्रवश्वास है त्रक यह ई-पत्रिका भुसावल मंडल की त्रवत्रवि गत्रतत्रवत्रियों एवं उपलब्धियों का दस्तावेज बनने के साथ-साथ कमषचाररयों की रचनात्मक प्रत्रतभा को प्रोत्सात्रहत करेगी और उनमें त्रहंदी के प्रत्रत अनुराग एवं गौरव की भावना को और सुदृढ़ करेगी। ई-पत्रिका के सफल प्रकाशन के त्रलए संपादकीय टीम एवं सभी सहयोत्रगयों को हात्रदषक बिाई तथा भत्रवष्य के त्रलए मेरी शुभकामनाएुँ । श्री प्रवीर् कु मार पाठक अपर मंडल रेल प्रबंिक(प्रशासन) भुसावल प्रवीर् कु मार पाठक श्री युनूस अंसार मकानू मंडल यांत्रिक इंजीत्रनयर एवं संपकष राजभार्ा अत्रिकारी भुसावल भुसावल मंडल की पत्रिका “ई-दृत्रि” का प्रकाशन त्रनस्संदेह एक सराहनीय एवं रचनात्मक पहल है। यह ई-पत्रिका हमारे मंडल की गत्रतत्रवत्रियों, उपलब्धियों, कायाषनुभवों तथा कमषचाररयों की प्रत्रतभा को एक साझा मंच प्रदान करती है। इसके माध्यम से कायषस्थल की व्यावसात्रयक उपलब्धियों के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं और सृजनात्मक अत्रभव्यब्धियों को भी स्थान त्रमलता है। राजभार्ा त्रहंदी के वल कायाषलयीन कायों की भार्ा नहीं, बब्धि हमारे त्रवचारों, अनुभवों और भावनाओं की सहज अत्रभव्यब्धि का माध्यम भी है। अतः कायषक्षेि में त्रहंदी का प्रयोग त्रजतना सहज और व्यापक होगा, संगठनात्मक संवाद उतना ही प्रभावी एवं आत्मीय बनेगा। “ई-दृत्रि” के माध्यम से त्रहंदी के प्रयोग को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ कमषचाररयों की रचनात्मक प्रत्रतभा को सामने लाने का अवसर प्राप्त हो रहा है। मुझे त्रवश्वास है त्रक यह ई-पत्रिका ज्ञान के आदान-प्रदान, अनुभवों की साझेदारी तथा सकारात्मक कायष-संस्कृ त्रत के त्रनमाषर् में उपयोगी भूत्रमका त्रनभाएगी। इस अत्रभनव प्रयास के त्रलए सभी रचनाकारों को हात्रदषक बिाई । "ईदृत्रि" त्रनरंतर प्रगत्रत के नए आयाम स्थात्रपत करे और भुसावल मंडल की सात्रहब्धत्यक एवं सृजनात्मक पहचान को और अत्रिक व्यापक बनाए। यह मंच नए रचनाकारों को प्रेरर्ा देता रहे तथा सात्रहत्य के प्रत्रत लोगों का जुड़ाव त्रनरंतर बढ़ाता रहे। इन्ीं शुभकामनाओं के साथ। युनूस अंसार मकानू मध्य रेल भुसावल मंडल 2026 संरक्षर् श्री पुनीत अग्रवाल मंडल रेल प्रबंधक मागषदशषन श्री मुके श कु मार मीना अपर मंडल रेल प्रबंधक(तकनीकी) एवं अपर मुख्य राजभाषा अधधकारी संपादक श्री युनूस अंसार मकानू संपकक राजभाषा अधधकारी एवं मंडल यांधिक इंजीधनयर सहयोग : लीलाधर धसंह वररष्ठ अनुवादक धनधतन पंधडत सोनार वररष्ठ अनुवादक रीतुकु शवाहा कधनष्ठ अनुवादक रमेश कु मार यादव कधनष्ठ अनुवादक संपकष : राजभाषा धवभाग, मंडल रेल प्रबंधक कायाकलय मध्य रेल, भुसावल. फोन : 011-55015 ई-मेल पता : [email protected] क्र. रचनाएं रचनाकार (सवष श्री) पृ.स. 1. भूक अधमत शुद्धोधन वाघ 8 2. वतकमान पररप्रेक्ष्य में पयाकवरण संजय नारायण श्रीगोंदेकर 10 3. आयाकवतक धशवांश ताम्रकार 13 4. इज्जत की रोटी लीलाधर धसंह 16 5. यांधिक धवभाग : गौरव से भधवष्य की ओर ज्योती धवजय धशतोले 19 6. पुराने वो खंभे मंजुल पाठक 23 7. जब घर में कोई इंतजार नहीं करता रमेश कु मार यादव 24 8. आशा भोसले ( सुरों की रानी ) सुनील जोशी 27 9. डोडो की आखखरी सीख : आराम नहीं, सीखते रहो धनधतन पंधडत सोनार 28 10. मेरी एक खूबसूरत यािा की कहानी मयुर मोहन जोशी 31 11. सेल्फ-के यर (Self-care) धदन के धवधभन्न समय के धलए आशीष डोंगरे 35 12. यादें मेरे बचपन की कधवता देधवदास अडकमोल 36 13. टरेन मैनेजर : भारतीय रेल की धड़कन धदपक धहवरकर 37 14. चेहरे अंजली चौधरी 38 15. स्टेटस धसंबल धदलीप कु मार 39 इस अंक में प्रकाधशत रचनाओं में लेखकों और कधवयों के अपने-अपनेधवचार हैं। उसे भारत सरकार अथवा रेल मंिालय का धवचार न समझा जाए। रचना की मौधलकता के धलए रचनाकार स्वयं धजम्मेदार हैं। अन ुक्रमणिकाई-दृष्टि - गृह पत्रिका | भुसावल मंडल मध्य रेल 1 अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत नांदुरा रेलवेस्टेशन का आधुष्टनक सुष्टवधाओं के साथ पुनष्टवगकास अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतगगत नांदुरा रेलवे स्टेशन का आधुत्रनक सुत्रवधाओं एवं बेहतर यािी सुत्रवधाओं के साथ पुनत्रवगकास त्रकया गया है। स्टेशन पररसर में नया बुत्रकं ग कायागलय, वातानुकू त्रलत प्रतीक्षालय, आधुत्रनक शौचालय, नए एवं सुत्रवधाजनक प्लेटफॉमग शेड, आकर्गक प्रकाश व्यवस्था तथा आधुत्रनक साइनेज की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही यात्रियों की सुत्रवधा को ध्यान में रखते हुए त्रवशाल पात्रकिं ग क्षेि और त्रदव्यांगजन-अनुकू ल सुत्रवधाएँ भी त्रवकत्रसत की गई हैं। स्टेशन के पुनत्रवगकास से यात्रियों को अत्रधक सुरत्रक्षत, स्वच्छ, सुत्रवधाजनक एवं आरामदायक यािा अनुभव प्राप्त होगा। आधुत्रनक यािी सुत्रवधाओं और सुव्यवस्स्थत स्टेशन पररसर से यात्रियों की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा करने में सहायता त्रमलेगी। हावडा–मुंबई मुख्य रेलमागग पर स्स्थत नांदुरा रेलवे स्टेशन का यह आधुत्रनकीकरण क्षेिीय संपकग को और सुदृढ़ करने के साथ-साथ पयगटन एवं स्थानीय व्यापाररक गत्रतत्रवत्रधयों को भी नई गत्रत प्रदान करेगा। यह पुनत्रवगकास क्षेि के समग्र त्रवकास में महत्वपूणग भूत्रमका त्रनभाएगा तथा यात्रियों के त्रलए स्टेशन को अत्रधक सुत्रवधाजनक एवं आकर्गक बनाएगा। “ष्टनज भाषा उन्नष्टत अहै, सब उन्नष्टत को मूल।” भारतेंदुहररश्चंद्रई-दृष्टि - गृह पत्रिका | भुसावल मंडल मध्य रेल 2 आस्था और ष्टवकास को जोड़ती नई पहल त्रदनांक 29.04.2026 को भुसावल रेलवे स्टेशन पर अयोध्या कैं ट– लोकमान्य त्रतलक टत्रमगनस (मुंबई) तथा बनारस–हडपसर (पुणे) अमृत भारत उद् घाटन त्रवशेर् टरेनों के शुभारंभ के अवसर पर गररमामय कायगक्रम का आयोजन त्रकया गया। इस अवसर पर भारत सरकार की माननीय राज्य मंिी (युवा मामले एवं खेल) श्रीमती रक्षा त्रनस्खल खडसे ने दोनों त्रवशेर् टरेनों को हरी झंडी त्रदखाकर रवाना त्रकया। इस ऐत्रतहात्रसक पहल से उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र तथा अन्य राज्यों के बीच रेल संपकग को और अत्रधक सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ यात्रियों को आधुत्रनक एवं आरामदायक यािा सुत्रवधा उपलब्ध होगी।कायगक्रम के दौरान माननीय मंिी ने यात्रियों का अत्रभवादन त्रकया तथा अमृत भारत टरेनों के माध्यम से भारतीय रेल द्वारा यािी सुत्रवधाओं के उन्नयन एवं बेहतर रेल सेवाएँ उपलब्ध कराने के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक, भुसावल सत्रहत मंडल के अन्य वररष्ठ रेलवे अत्रधकारी, जनप्रत्रतत्रनत्रध, रेलवे कमगचारी तथा बडी संख्या में यािी एवं स्थानीय नागररक उपस्स्थत रहे। कायगक्रम उत्साहपूणग वातावरण में संपन्न हुआ तथा उपस्स्थत सभी लोगों ने इस नई रेल सेवा का स्वागत त्रकया। “रािरीयता का भाषा और साष्टहत्य के साथ बहुत ही घष्टनष्ठ और र्हरा संबंध है।” डॉ. राजेंद्र प्रसादई-दृष्टि - गृह पत्रिका | भुसावल मंडल मध्य रेल 3 नई रेल संपकग सुष्टवधा को ष्टमली मजबूती ! त्रदनांक 7 जुलाई 2026 को गाडी संख्या 05012 टनकपुर–नांदेड उद् घाटन त्रवशेर् को अकोला स्टेशन से समारोहपूवगक हरी झंडी त्रदखाकर रवाना त्रकया गया। यह पहल यात्रियों के त्रलए रेल संपकग को सुदृढ़ बनाने की त्रदशा में एक महत्वपूणग कदम है। हरी झंडी त्रदखाने के इस समारोह में अकोला के माननीय सांसद श्री अनुप धोिे, डीआरयूसीसी सदस्य श्री उन्मेर् मालू तथा अन्य गणमान्य अत्रतत्रथ उपस्स्थत रहे। मध्य रेल यात्रियों को बेहतर रेल संपकग एवं उन्नत यािी सुत्रवधाएँ उपलब्ध कराने के त्रलए त्रनरंतर प्रत्रतबद्ध है। “ष्टहंदी द्वारा सारे भारत को एक सूत्र में ष्टपरोया जा सकता है।” स्वामी दयानंद सरस्वती महाराष्ट्र ई-दृष्टि - गृह पत्रिका | भुसावल मंडल मध्य रेल 4 अंतररािरीय योर् ष्टदवस के अवसर पर भुसावल मंडल के अकोला स्टेशन पर योर् सत्र का आयोजन स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा कमगचाररयों के शारीररक एवं मानत्रसक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से अकोला स्टेशन पर कमगचाररयों के त्रलए पतंजत्रल योग सत्रमत्रत के सहयोग से त्रवशेर् योग सि का आयोजन त्रकया गया। इस योग सि में स्टेशन के कमगचाररयों ने उत्साह एवं सत्रक्रयता के साथ भाग त्रलया तथा त्रवत्रभन्न योगासनों, प्राणायाम एवं श्वसन संबंधी अभ्यासों का प्रत्रशक्षण प्राप्त त्रकया। योग प्रत्रशक्षकों द्वारा कमगचाररयों को त्रनयत्रमत रूप से योग एवं प्राणायाम करने से होने वाले शारीररक और मानत्रसक लाभों के बारे में त्रवस्तारपूवगक जानकारी दी गई। उन्ोंने बताया त्रक त्रनयत्रमत योगाभ्यास से शरीर में स्फू त्रतग बनी रहती है, तनाव कम होता है तथा एकाग्रता एवं कायगक्षमता में वृस्द्ध होती है। कमगचाररयों को दैत्रनक जीवन मेंयोग को अपनाने तथा संतुत्रलत एवं स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखने के त्रलए प्रेररत त्रकया गया। इस अवसर पर कमगचाररयों ने योगाभ्यास में बढ़-चढ़कर भाग त्रलया और स्वस्थ जीवन के प्रत्रत अपनी प्रत्रतबद्धता व्यक्त की। कायगक्रम का उद्देश्य कमगचाररयों में स्वास्थ्य के प्रत्रत जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ कायगस्थल पर सकारात्मक, ऊजागवान एवं तनावमुक्त वातावरण को प्रोत्सात्रहत करना रहा। “ष्टहंदी को र्ंर्ा नहीं बल्कि समुद्र बनना होर्ा।” ष्टवनोबा भावे